लखनऊ में one bill of House tax and water tax – नागरिकों के लिए सुविधा का नया अध्याय

लखनऊ में दिसंबर से House tax and water tax one bill का भुगतान अब एक ही बिल से करें। जानें कैसे one bill of House tax and water tax  प्रणाली से नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहत, खत्म होगा दो विभागों के चक्कर लगाने का झंझट। आसान ऑनलाइन भुगतान और नामांतरण की पूरी जानकारी।

लखनऊ नगर निगम (LMC) ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब लखनऊ में संपत्तिधारक गृहकर (House Tax), जलकर (Water Tax) और सीवर कर (Sewer Tax) का भुगतान एक ही बिल के माध्यम से कर सकेंगे। अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने और दो अलग-अलग बिलों के प्रबंधन का झंझट अब खत्म हो गया है। यह नई एकीकृत (Integrated) बिलिंग प्रणाली न केवल नागरिकों के लिए सुविधा लाएगी, बल्कि नगर निगम और जलकल विभाग के बीच समन्वय को भी मजबूत करेगी। यह पहल “One bill House tax and water tax” की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्यों पड़ी House tax and water tax one bill की ज़रूरत?

लखनऊ में वर्षों से गृहकर नगर निगम द्वारा और जलकर/सीवर कर जलकल विभाग द्वारा अलग-अलग वसूला जाता रहा है। 15 साल पहले जल संस्थान का नगर निगम में विलय कर दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी कमियों के कारण बिलिंग और वसूली की प्रक्रिया अलग ही चलती रही।

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इस दोहरी बिलिंग प्रणाली के कारण शहर के नागरिकों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था:

  • दो अलग-अलग भुगतान केंद्र: नागरिकों को दो अलग-अलग कार्यालयों में कतारें लगानी पड़ती थीं।
  • बिलिंग और डेटा में विसंगति: दोनों विभागों के रिकॉर्ड और डेटा में अक्सर अंतर रहता था, जिससे सुधार की प्रक्रिया जटिल हो जाती थी।
  • समय और प्रयास की बर्बादी: दोनों करों के भुगतान, नामांतरण (Mutation), या रिकॉर्ड में संशोधन के लिए दो विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
  • शासन ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया और नागरिकों को सहूलियत देने के लिए “वन बिल गृहकर और जलकर” प्रणाली लागू करने का आदेश दिया।

नई एकीकृत बिलिंग प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

इस नई House tax and water tax One bill प्रणाली को नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित किया गया है, जो पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी है। यह प्रणाली नागरिकों के लिए कई मायनों में गेम-चेंजर साबित होगी:

1. एकल भुगतान सुविधा

अब भवन स्वामी केवल एक ही जगह – चाहे वह ऑनलाइन पोर्टल हो, नगर निगम का काउंटर हो, या निर्धारित कलेक्शन सेंटर – पर गृहकर, जलकर और सीवर कर का एकमुश्त भुगतान कर सकेंगे। हाउस टैक्स जानने के लिए यह क्लिक करे

2. यूनिक आईडी का आवंटन

प्रत्येक भवन स्वामी को एक यूनिक आईडी (Unique ID) आवंटित की जाएगी। इसी आईडी के आधार पर संयुक्त बिल जारी होगा। यह आईडी दोनों विभागों के रिकॉर्ड को एकीकृत करेगी।

3. डिजिटल सुविधा और पारदर्शिता

उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन संयुक्त बिल देख सकेंगे, भुगतान कर सकेंगे, और अपने रिकॉर्ड को अपडेट करा सकेंगे। यह प्रणाली त्रुटियों की संभावना को कम करेगी और पारदर्शिता बढ़ाएगी।

4. नामांतरण और रिकॉर्ड सुधार में आसानी

संपत्ति के नामांतरण या किसी भी रिकॉर्ड सुधार के लिए अब दो विभागों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रक्रिया एकल खिड़की प्रणाली (Single Window System) के तहत सरल हो जाएगी।

5. जलकर/सीवर कर की सटीक वसूली

नई प्रणाली में केवल उन्हीं भवनों से जलकर/सीवर कर वसूला जाएगा जिनके 100 मीटर के दायरे में पानी या सीवर लाइन मौजूद है। इससे उन नागरिकों को राहत मिलेगी जो इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले रहे हैं।

नागरिकों को मिलने वाले प्रमुख फायदे

  • House tax and water tax bill” प्रणाली का सीधा लाभ लखनऊ के लगभग साढ़े पांच लाख जलकर उपभोक्ताओं और साढ़े सात लाख गृहकर उपभोक्ताओं को मिलेगा।
  • समय की बचत: अलग-अलग कार्यालयों में लाइन लगने का समय बचेगा।
  • सरल प्रक्रिया: भुगतान, नामांतरण और रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी।
  • सुविधाजनक ऑनलाइन एक्सेस: एक क्लिक में दोनों बिलों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
  • बेहतर कर अनुपालन: सरल भुगतान प्रक्रिया के कारण कर जमा करने में नागरिकों की सहभागिता बढ़ेगी, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी।
  • दक्षता में सुधार: जलकल विभाग को अब वसूली के लिए अपने कर्मचारी नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे प्रशासनिक खर्च और मैनपावर की बचत होगी।
  • यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अमृत (AMRUT 2.0) जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों की दक्षता और वित्तीय स्थिरता को बढ़ाना है।

डेटा एकीकरण और सिक्योरिटी ऑडिट

House tax and water tax नई प्रणाली को लागू करने के लिए एनआईसी (NIC) ने दोनों विभागों – नगर निगम (गृहकर) और जलकल विभाग (जलकर/सीवर कर) – के डेटा को सफलतापूर्वक मैच कर एक संयुक्त सॉफ्टवेयर तैयार किया है।

House tax and water tax काम में सबसे बड़ी चुनौती दोनों विभागों के रिकॉर्ड को एक यूनिक आईडी पर लाना था। जलकल महाप्रबंधक के अनुसार, उन भवनों को चिह्नित किया गया जो दोनों विभागों के रिकॉर्ड में हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां जल और सीवर लाइन की सुविधा है।

सॉफ्टवेयर को लॉन्च करने से पहले, इसकी सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) का काम चल रहा है ताकि इसे किसी भी तरह के हैकिंग या तकनीकी खामियों से बचाया जा सके। एक बार ऑडिट पूरा होने के बाद, यह सुविधा इसी महीने (दिसंबर 2025) से शहरवासियों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

तिमाही और छमाही भुगतान की सुविधा

House tax water tax one bill का कदम यहीं नहीं रुकता। इस एकीकृत बिलिंग प्रणाली के बाद, शासन के आदेशानुसार नागरिकों को तिमाही (Quarterly) और छमाही (Half-yearly) आधार पर भी कर जमा करने की सुविधा मिल रही है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो वार्षिक रूप से एकमुश्त बड़ी राशि जमा करने में असमर्थ होते हैं।

हालांकि, नागरिकों को पहले की तरह, वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पूर्ण भुगतान करने पर कर में छूट (Rebate) का लाभ मिलता रहेगा। वहीं, भुगतान में देरी होने पर ब्याज (Interest) का प्रावधान भी लागू रहेगा।

निष्कर्ष:

लखनऊ में “house tax water tax one bill” प्रणाली का कार्यान्वयन एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है। यह न केवल नागरिकों के जीवन को आसान बनाएगी, बल्कि नगर निगम को भी अधिक कुशल और पारदर्शी बनाएगी। यह पहल दर्शाता है कि तकनीकी नवाचार का उपयोग करके कैसे रोजमर्रा की प्रशासनिक जटिलताओं को दूर किया जा सकता है। लखनऊ अब एक ऐसा शहर बनने की ओर अग्रसर है जहां कर भुगतान एक परेशानी नहीं, बल्कि एक सरल और सहज प्रक्रिया होगी।

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