Jansunwai IGRS UP:ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण, लॉगिन और स्टेटस चेक करने की पूरी प्रक्रिया

Hemraj Maurya

IGRS  (Integrated Grievance Redressal System) यानी जनसुनवाई एक प्रमुख सरकारी डिजिटल पहल है। Jansunwai IGRS  UP का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को सीधे दर्ज करना और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।

Jansunwai IGRS  क्या है?

Jansunwai IGRS एक केंद्रीकृत मंच (Centralized Platform) उपलब्ध कराती है, जो किसी भी सरकारी विभाग और उसके द्वारा संचालित सेवाओं को जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाती है। इसके माध्यम से नागरिक विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज कर सकते है , ट्रैक कर सकते है और समाधान प्राप्त कर सकते हैं। जनसुनवाई प्रणाली सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता को बढ़ाने, सिविल सेवा को मजबूती देने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जनसुनवाई IGRS  के मुख्य उद्देश्य

  • शिकायतों का त्वरित निवारण: सरकारी सेवाओं के प्रति नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकार और नागरिकों के बीच पारदर्शिता को बढ़ावा देना।
  • आसान ट्रैकिंग: नागरिकों को शिकायत की स्थिति जांचने के लिए एक डिजिटल और सुरक्षित मंच प्रदान करना।

IGRSUP पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

अगर आप नए user हैं:

Sign Up / New Registration पर क्लिक करें
Name, mobile number, password भरें
OTP verify करें
Account create करें
फिर login करें

जनसुनवाई पंजीकरण (Registration Process)

Jansunwai IGRS  पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए सबसे पहले आपको वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। इसकी चरण-दर-चरण प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: अपने वेब ब्राउज़र में Jansunwai IGRS की आधिकारिक वेबसाइट https://jansunwai.up.nic.in/ खोलें।
  2. पंजीकरण विकल्प चुनें: होमपेज पर उपलब्ध पंजीकरण’ या ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करें।
  3. ओटीपी वेरिफिकेशन: लॉगिन के लिए अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड भरें, फिर “ओटीपी भेजें” बटन पर क्लिक करें। प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सबमिट करें। आपका लॉगिन पूरा हो जाएगा।
  4. शिकायत फॉर्म भरें: अब एक नया पेज खुलेगा। यहाँ अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे—नाम, पिता का नाम, लिंग, मोबाइल नंबर, वैकल्पिक मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें।
  5. विभाग का चयन करें: उस सरकारी विभाग का चयन करें जिसके खिलाफ आप शिकायत करना चाहते हैं और अपनी शिकायत का संक्षिप्त विवरण लिखें।
  6. क्षेत्रीय विवरण भरें: इसके बाद अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी जैसे—तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत, राजस्व ग्राम और थाना का चयन करें।
  7. पूर्व संदर्भ कॉलम: यहाँ आपको ‘शिकायत 1’ और ‘शिकायत 2’ का विकल्प दिखेगा। यदि आप पहली बार शिकायत कर रहे हैं, तो इस कॉलम को खाली छोड़ दें।
  8. दस्तावेज़ अपलोड करें: लिखित आवेदन और आवश्यक दस्तावेज़ों को अपलोड करने के लिए ‘अपलोड’ बटन पर क्लिक करें। कृपया PDF, JPG, JPEG, या PNG प्रारूप में केवल 500KB तक की फाइल ही अपलोड करें। (500KB से अधिक की फाइल मान्य नहीं होगी)।
  9. संदर्भ सुरक्षित करें: सभी विवरण भरने के बाद “संदर्भ सुरक्षित करें” पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपको एक शिकायत नंबर (Complaint Number) प्राप्त होगा, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

Jansunwai IGRS पोर्टल पर लॉगिन कैसे करें?

यदि आप पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

Jansunwai IGRS  UP  पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण, लॉगिन और Complaint Status चेक
  1. Jansunwai IGRS की वेबसाइट पर जाएं और मुख्य पृष्ठ पर “शिकायत पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें।
  2. नियमों को पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आपकी शिकायत प्रतिबंधित श्रेणियों में नहीं है। इसके बाद “मैं सहमत हूँ कि मेरी जनशिकायत उपरोक्त वर्णित श्रेणियों में नहीं आती है” चेकबॉक्स पर टिक करें और “सबमिट करें” पर क्लिक करें।
  3. अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें, फिर “ओoटीoपीo भेजें” पर क्लिक करें।
  4. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को भरकर “सबमिट” बटन पर क्लिक करें। आपका लॉगिन सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।

Jansunwai IGRS की प्रमुख विशेषताएँ

यह पोर्टल नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करता है:

  • ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण: यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होती।
  • वास्तविक समय ट्रैकिंग (Real-time Tracking): शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति को लाइव ट्रैक कर सकते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
  • समयबद्ध प्रतिक्रिया और समाधान: संबंधित विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का निवारण करता है। समाधान होने तक स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
  • दस्तावेज़ अपलोडिंग सुविधा: शिकायत के समर्थन में नागरिक आवश्यक साक्ष्य या लिखित आवेदन ऑनलाइन डिजिटल रूप में अपलोड कर सकते हैं।
  • अनुकूलित रिपोर्टिंग: यह पोर्टल उपयोगकर्ताओं को शिकायत निवारण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट और वास्तविक समय के अपडेट प्रदान करता है।

जनसुनवाई IGRS UP कार्य प्रणाली (Workflow Chart) और फीडबैक

  1. शिकायत दर्ज करना: उपयोगकर्ता ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपनी समस्या और आवश्यक विवरण दर्ज करता है।
  2. स्वीकृति और पंजीकरण: संबंधित विभाग शिकायत को स्वीकार कर एक अद्वितीय (Unique) पंजीकरण नंबर जारी करता है।
  3. समीक्षा और समाधान: विभाग शिकायत की जांच करता है और उचित कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई कर समाधान करता है।
  4. रिपोर्ट और फीडबैक: शिकायतकर्ता को समाधान की रिपोर्ट दी जाती है, जिस पर वे अपना फीडबैक भी दे सकते हैं।

शिकायतों का वर्गीकरण (क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं?)

उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के संबंध में स्पष्ट नियम बनाए गए हैं:

स्वीकार की जाने वाली शिकायतें:

  • शासकीय योजनाओं से संबंधित: सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने या उनमें आ रही कठिनाइयों से जुड़ी समस्याएं।
  • जनसाधारण की समस्याएं: स्थानीय नागरिक सेवाएं, आधारभूत सुविधाओं का अभाव (जैसे सड़क, पानी, बिजली) आदि।
  • जनता की मांग: किसी विशेष क्षेत्र के विकास या जनता की सामूहिक मांगों के पूरे न होने से जुड़ी शिकायतें।

स्वीकार न की जाने वाली शिकायतें (प्रतिबंधित श्रेणियां):

  • RTI मामले: सूचना का अधिकार (Right to Information) से संबंधित मामले।
  • विचाराधीन प्रकरण: ऐसे मामले जो वर्तमान में किसी न्यायालय में विचाराधीन (Sub-judice) हैं।
  • सामान्य सुझाव: नागरिक सुधारों के लिए सामान्य सुझाव इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं होते।
  • आर्थिक सहायता/नौकरी: व्यक्तिगत आर्थिक सहायता या सरकारी नौकरी की मांग संबंधी आवेदन।
  • सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामले: शासकीय सेवकों के स्थानांतरण या सेवा संबंधी प्रकरण, जब तक कि वे विभाग में उपलब्ध आंतरिक विकल्पों का उपयोग न कर चुके हों।

निष्कर्ष (Conclusion)

Jansunwai IGRS नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी को कम करने वाला एक बेहद प्रभावी और कल्याणकारी डिजिटल माध्यम है। यह प्रणाली बिना किसी बिचौलिये या जटिलता के आम नागरिकों को सीधे अपनी आवाज़ बुलंद करने और सरकारी सेवाओं में सुधार करने का अवसर देती है। इस पोर्टल के सही और उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग से न केवल आपकी समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होती है। अधिक जानकारी या शिकायत पंजीकरण के लिए आज ही Jansunwai IGRS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।

15 सामान्य प्रश्न (FAQs)

Q1. Jansunwai IGRS  क्या है?

यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनका त्वरित समाधान पाने की सुविधा देता है।

Q2. क्या मैं Jansunwai IGRS  पर शिकायत दर्ज कर सकता हूँ?

हाँ, कोई भी नागरिक Jansunwai IGRS  पोर्टल पर जाकर आसानी से अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

Q3. पंजीकरण के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?

आमतौर पर पंजीकरण और पहचान के लिए व्यक्तिगत जानकारी तथा पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेजों (जैसे पैन कार्ड आदि) की आवश्यकता होती है।

Q4. शिकायत दर्ज करने के बाद क्या करना होगा?

शिकायत दर्ज होने पर आपको एक पंजीकरण नंबर मिलेगा। इसके जरिए आप पोर्टल पर अपनी शिकायत की स्थिति (Status) को ट्रैक कर सकते हैं।

Q5. क्या शिकायत का समाधान समय पर होता है?

हाँ, शिकायतों का निवारण समय पर किया जाता है। हालांकि, समाधान में लगने वाला समय विभाग और शिकायत की जटिलता पर निर्भर करता है।

Q6. क्या मैं अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता हूँ?

हाँ, वर्तमान स्थिति जानने के लिए आधिकारिक ट्रैकिंग लिंक [https://jansunwai.up.nic.in/ComplaintTracker](https://jansunwai.up.nic.in/ComplaintTracker) पर जाएँ। यहाँ अपनी शिकायत संख्या, मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज कर सबमिट पर क्लिक करें।

Q7. यदि मैं शिकायत के समाधान से संतुष्ट नहीं हूँ, तो क्या करें?

यदि आप समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो फीडबैक दे सकते हैं। यदि आप स्टार रेटिंग में 1 या 2 स्टार देते हैं, तो उच्चाधिकारी स्तर से शिकायत पर पुनर्विचार (Re-evaluation) किया जाता है।

Q8. क्या शिकायत दर्ज करने के लिए कोई शुल्क होता है?

नहीं, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सेवा पूरी तरह से नि:शुल्क (Free) है।

Q9. क्या मैं विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकता हूँ?

हाँ, आप अलग-अलग सरकारी विभागों से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें इसी एक एकल मंच (Single Platform) के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं।

Q10. अगर मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है, तो क्या करूँ?

आप पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत की स्थिति की समीक्षा कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर रिमाइंडर भेज सकते हैं या संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

Q11. क्या मैं मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकता हूँ?

हाँ, उत्तर प्रदेश सरकार सहित कई राज्य सरकारों ने इसके लिए आधिकारिक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया है, जिससे शिकायत दर्ज करना और भी आसान हो जाता है।

Q12. शिकायत दर्ज करने के लिए क्या किसी निश्चित समय सीमा का पालन करना होगा?

शिकायत दर्ज करने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं है, लेकिन घटना या समस्या के तुरंत बाद शिकायत दर्ज करना बेहतर होता है ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।

Q13. क्या शिकायत के साथ दस्तावेज़ भी अपलोड कर सकते हैं?

हाँ, आप अपनी शिकायत की पुष्टि के लिए संबंधित लिखित आवेदन या सहायक दस्तावेज़ (अधिकतम 500KB) अपलोड कर सकते हैं।

Q14. क्या शिकायत की गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है?

हाँ, आपकी शिकायत और व्यक्तिगत विवरण पूरी तरह सुरक्षित एवं गोपनीय रखे जाते हैं। इसे केवल जांच से जुड़े संबंधित विभागों के साथ ही साझा किया जाता है।

Q15. क्या मैं अपनी शिकायत की रिपोर्ट प्राप्त कर सकता हूँ?

हाँ, शिकायत के निस्तारण के बाद आप पोर्टल से अपनी शिकायत की अंतिम समाधान रिपोर्ट देख और प्राप्त कर सकते हैं।

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