Property Return on manav sampada : सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति का ब्यौरा देना हुआ अनिवार्य, जानें पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सरकारी कर्मचारियों के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Manav Sampada (eHRMS) पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आप एक सरकारी सेवक हैं, तो समय सीमा के भीतर Manav Sampada Property Return 2026 की प्रक्रिया पूरी करना आपके करियर और वेतन वृद्धि (Increment) के लिए अत्यंत आवश्यक है।

हालिया सरकारी आदेशों के अनुसार, जो कर्मचारी अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं करेंगे, उनकी पदोन्नति और वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। property registration on manav sampada  लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि नए और पुराने कर्मचारी अपनी संपत्ति का पंजीकरण कैसे कर सकते हैं।

What is Manav Sampada portal? मानव संपदा पोर्टल क्या है?

मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) एक ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (eHRMS) है, जिसे भारत में सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड, सेवा विवरण और प्रशासनिक कार्यों (जैसे छुट्टी, वेतन, ट्रांसफर) को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मानव संपदा का सबसे प्रमुख उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक सेवा रिकॉर्ड के माध्यम से कर्मियों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य / केंद्र सरकार के संगठनों को एक सामान्य, उत्पाद आधारित समाधान प्रदान करना है। यह शीर्ष प्रबंधन की कर्मचारियों की सही संख्या, सेवानिवृत्ति पैटर्न, नियोजन भर्ती के लिए आने वाले वर्ष में अतिरिक्त आवश्यकताओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आवश्यक धन, राज्य के भीतर अन्य विभागों/संगठनों को अधिशेष कर्मचारियों के पुन: आवंटन, एसीआर/ संपत्ति वापसी की स्थिति, वरिष्ठता सूची आदि में सहायता करता है ।

जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है; यह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश में शुरू हुआ और अब यूपी सहित कई राज्यों द्वारा अपनाया गया है। यह जनशक्ति नियोजन और प्रबंधन में सुविधा के लिए राज्य सरकारों के लिए एक सामान्यीकृत समाधान है।

अगर आप जनवरी 2026 में मानव संपदा UP को एक्सेस करने और इस्तेमाल करने के लिए एक भरोसेमंद, स्टेप-बाय-स्टेप गाइड ढूंढ रहे हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यह ताज़ा अपडेटेड गाइड आपको पोर्टल को आसानी और भरोसे के साथ इस्तेमाल करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

Manav Sampada Property पंजीकरण क्यों जरूरी है?

सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए डिजिटल इंडिया अभियान के तहत eHRMS (Electronic Human Resource Management System) को लागू किया है। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

 * पारदर्शिता (Transparency): कर्मचारियों की संपत्ति का सार्वजनिक या रिकॉर्ड में होना ईमानदारी को बढ़ावा देता है।

 * डिजिटल रिकॉर्ड: अब कागजी फाइलों के बजाय सभी डेटा क्लाउड पर सुरक्षित रहता है।

 * पदोन्नति के लिए अनिवार्य: DPC (Departmental Promotion Committee) अब मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज डेटा के आधार पर ही निर्णय लेती है।

Employee property registration on manav sampada: मुख्य दिशा-निर्देश

पंजीकरण शुरू करने से पहले, आपके पास निम्नलिखित जानकारी तैयार होनी चाहिए:

  •  आपका Manav Sampada ID और पासवर्ड।
  •  संपत्ति का विवरण (खरीद की तारीख, मूल्य, स्थान, और स्रोत)।
  •  यदि संपत्ति परिवार के किसी सदस्य के नाम पर है, तो उसका विवरण।
  •  चल संपत्ति (Jewelry, Shares, Cash) और अचल संपत्ति (Land, House) की सूची।

जयादा पढ़ी जाने वाली सामग्री-

पुराने कर्मचारियों (Existing Employees) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया

पुराने कर्मचारियों को हर साल (आमतौर पर 31 दिसंबर तक या विभाग द्वारा दी गई समय सीमा में) अपनी संपत्ति का विवरण अपडेट करना होता है।

मानव सम्पदा पोर्टल https://ehrms.nic.in/ पर ओपन करे अपना state चुने और आगे बढे।

यहाँ हम up के लिए Property Return on Manav Sampada बता रहे है कुछ भिन्न हो सकती है

Step 1: लॉगिन करें

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ehrms.upsdc.gov.in पर जाएं। अपनी User ID, Password और Captcha दर्ज करके Login करें।

Step 2: Property Return सेक्शन पर जाएं

लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर आपको ‘General’ टैब दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेनू से ‘Property Return’ विकल्प को चुनें।

Step 3: अचल संपत्ति का विवरण (Immovable Property)

यहाँ आपको दो विकल्प मिलेंगे: Immovable Property (अचल संपत्ति) और Movable Property (चल संपत्ति)।

 * अचल संपत्ति में अपनी जमीन, मकान या फ्लैट का विवरण भरें।

 * इसमें संपत्ति का क्षेत्रफल, जिले का नाम, तहसील और वर्तमान बाजार मूल्य भरना अनिवार्य है।

Step 4: चल संपत्ति का विवरण (Movable Property)

इसमें आपको अपने बैंक बैलेंस (एक निश्चित सीमा से अधिक), शेयर, डिबेंचर, आभूषण और वाहनों का विवरण देना होता है।

Step 5: Declaration और Submit

सभी जानकारी भरने के बाद, ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। ध्यान रहे कि सबमिट करने के बाद बदलाव करना कठिन हो सकता है, इसलिए ‘Draft Save’ करके एक बार पुनः जांच लें।

नए कर्मचारियों (New Employees) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया

यदि आपने हाल ही में सरकारी सेवा जॉइन की है, तो आपके लिए Employee property registration on manav sampada  की प्रक्रिया थोड़ी अलग और अधिक महत्वपूर्ण है।

1. सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के समय का विवरण

नए कर्मचारियों को सेवा में आने के समय अपनी मौजूदा संपत्ति का विवरण देना होता है। इसे ‘Entry Level Property Return’ कहा जाता है।

2. मैन्युअल डेटा वेरिफिकेशन

नए कर्मचारियों का डेटा अक्सर उनके कार्यालय के बाबू या Data Entry Operator (DEO) द्वारा पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाता है। सुनिश्चित करें कि आपकी जॉइनिंग रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट हो गई है, तभी आप संपत्ति का विवरण भर पाएंगे।

3. शून्य संपत्ति घोषणा (Nil Return)

यदि किसी नए कर्मचारी के पास अपने नाम पर कोई संपत्ति नहीं है, तो उन्हें ‘Nil Return’ फाइल करना होता है। इसे खाली न छोड़ें, बल्कि नियमों के अनुसार ‘No Property’ का विकल्प चुनें।

Manav Sampada Portal पर संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स

 संपत्ति का प्रकार आवश्यक जानकारी
 प्लॉट/मकान रजिस्ट्री की तारीख, खसरा नंबर, कुल क्षेत्रफल
 वाहन (Car/Bike) रजिस्ट्रेशन नंबर, खरीद का वर्ष
 आभूषण (Gold/Silver) कुल वजन और अनुमानित मूल्य
 शेयर/म्युचुअल फंड निवेश की कुल राशि

सामान्य गलतियां और उनसे बचाव (SEO Tips for Employees)

 * गलत ID/Password: बार-बार गलत पासवर्ड डालने से आपकी ID ब्लॉक हो सकती है। इसे भूल जाने पर ‘Forgot Password’ का उपयोग करें।

  •   समय सीमा का ध्यान न रखे, अंतिम तिथि का इंतजार न करें, क्योंकि आखिरी दिनों में सर्वर डाउन होने की समस्या रहती है।
  •  संपत्ति का मूल्य हमेशा वर्तमान सर्किल रेट या वास्तविक खरीद मूल्य के आधार पर भरें।

निष्कर्ष

Manav Sampada Property Return केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक सरकारी सेवक की ईमानदारी का प्रमाण भी है। नए और पुराने दोनों तरह के कर्मचारियों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सही समय पर अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज करने से आप भविष्य की कानूनी और विभागीय अड़चनों से बच सकते हैं।

यदि आपको इस प्रक्रिया में कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो अपने विभाग के नोडल अधिकारी (Nodal Officer) से संपर्क करें।

क्या आपको यह जानकारी उपयोगी लगी? अन्य सरकारी कर्मचारियों के साथ इस लेख को साझा करें ताकि वे भी समय पर अपनी संपत्ति का पंजीकरण कर सकें। क्या आप चाहते हैं कि मैं मानव संपदा पोर्टल के किसी अन्य फीचर पर विस्तार से लेख लिखूँ? कमेंट में जरूर बताएं!

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या पत्नी के नाम की संपत्ति भी दिखानी होगी?

Ans- हाँ, यदि संपत्ति आपके आय के स्रोत से खरीदी गई है या आप उसके सह-स्वामी (Co-owner) हैं, तो उसे Employee property registration on manav sampada  के दौरान दिखाना अनिवार्य है।

Q2. क्या पुराने साल का विवरण अब भरा जा सकता है?

Ans- यह आपके विभाग द्वारा पोर्टल की विंडो खोलने पर निर्भर करता है। आमतौर पर पुराने डेटा को अपडेट करने के लिए विशेष समय दिया जाता है।

Q3. पासवर्ड भूल जाने पर क्या करें?

Ans- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से आप ‘Forgot Password’ विकल्प का उपयोग करके नया पासवर्ड प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Comment