Satsang ka Prabhav सत्संग का प्रभाव

Hemraj Maurya

Satsang ka Prabhav सत्संग का प्रभाव महात्मा बुद्ध का उपदेश।

सत्संग का प्रभाव by Rajjansuvidha

Satsang ka Prabhav सत्संग का प्रभाव

दूध में बहुत सा पानी भी होता है परन्तु दिखाई नहीं देता है।

जब दूध दही बन जाता है तो पानी साफ दिखाई देता है।

उस दूध को दही बनाने के लिए जामन डालना पड़ता है।

यदि दही को बिलोया जाय तो मक्खन निकलेगा।

यदि मक्खन को गर्म किया जाये तो घी बन जायेगा।

यदि घी बन जायेगा तो उससे बहुत सारे पकवान बना सकते हैं।

उसी प्रकार मनुष्य इस संसार के अन्दर दूध के समान है।         उसमें बहुत सारी संभावनायें हैं।

हर एक मनुष्य के अंदर जानने और समझने की गुंजाइश है परन्तु उसमें जो पानी मिला हुआ है,

उसको निकालने के लिए कुछ न कुछ करना पड़ता है।

जब मनुष्य सत्संग रूपी मटके में दही के रूप में जमता है तो उसका पानी अलग हो जाता है।

जब गुरु ज्ञान रूपी मथनी से उसे बिलोते हैं तो सारी चीजों को छोड़कर मक्खन ऊपर आ जाता है।

जब वह सत्संग और साधना की गर्मी में पकता है, तब वह घी बनता है।

जैसे दूध घी के रूप में परिवर्तित होकर शुद्ध हो जाता है, वैसे ही मनुष्य भी शुद्ध बनता है।

यह गुरु की क्षमता है कि वह मनुष्य रूपी दूध को भी घी बना सकते हैं। उनके पास सत्संग रूपी मटका है, उसमें तुम जम सकते हो।

जब हम दही के रूप में जम गए तो वह ज्ञान रूपी मथनी से बिलोना शुरू करेंगे। जब बिलोना शुरू करेंगे, तब मक्खन ऊपर आ जायेगा।

उनकी कृपा और सत्संग रूपी गर्मी से, जब यह जीवन रूपी मक्खन घी बन जायेगा, उसके बाद आनंद की कोई सीमा नहीं रहेगी।

हेमराज मौर्य

26/06/2022

मैं हेमराज मौर्य rajjansuvidha.in - jansuvidha portal का संस्थापक एवं संपादक हूँ। वर्ष 2020 से ब्लॉग लेखन का कार्य करता हूँ । यहाँ पर सरकारी योजनायें , Scholarships , Admissins ,Education, Online forms , Pan Card , Adhar Card , Voter Card,लेबर कार्ड, RTO ,शादी अनुदान योजना, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र,जन सेवा केंद्र एवं e-District आदि से जुडी लेटेस्ट जानकारी सरल हिंदी भाषा में साझा करता हूँ। इसके अलावा लेटेस्ट न्यूज़ updates भी साझा करता हूँ।जो कि विभिन्न स्रोतों से सटीक जानकारी प्राप्त करके साझा की जाती है।

Leave a Comment