PM Kusum Scheme प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान योजना मार्च 2019 में मिनिस्ट्री ऑफ़ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (MNRE) ने शुरू की थी, ताकि किसानों को खेती का पानी की वजह से नुक्सान न हो इसलिए सोलर सिंचाई पंप लगाने के लिए सब्सिडी दी जा सके।
उत्तर प्रदेश में PM Kusum Yojana के तहत 40,521 सोलर पंपों पर अनुदान के लिए आवेदन शुरू। जानें 2 HP से 10 HP पंप पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, आवेदन की अंतिम तिथि क्या है और ई-लॉटरी से चयन प्रक्रिया क्या है।
PM-KUSUM Scheme क्या है?
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान PM-KUSUM Scheme भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य देश के किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई की सुविधा प्रदान करना और उनकी आय बढ़ाना है। PM-KUSUM Yojana किसानों को डीजल पंपों पर निर्भरता कम करने और बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने में मदद करती है।
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उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार के सहयोग से वर्ष 2019-20 से इस योजना का संचालन कर रही है और अब किसानों को बम्पर अनुदान देने की घोषणा की गई है।
यूपी में PM-KUSUM Yojana का नया लक्ष्य
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में PM-KUSUM योजना के तहत 40,521 सोलर पंपों की स्थापना का शेष लक्ष्य पूरा करने का निर्णय लिया है। यह उन किसानों के लिए एक शानदार अवसर है जो महंगे डीजल और अनियमित बिजली सप्लाई से परेशान हैं।
मुख्य बातें (Highlights)
- अनुदान लक्ष्य: 40,521 सोलर पंपों पर अनुदान दिया जाएगा।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 15 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदन पोर्टल: कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर आवेदन शुरू हो गए हैं।
PM-KUSUM Scheme Eligibility
PM-KUSUM योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें और चरण निर्धारित किए गए हैं:
* पंजीकृत किसान: इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से ही कृषि विभाग की वेबसाइट पर पंजीकृत हैं।
* बोरिंग अनिवार्यता: कृषि विभाग के नियमानुसार, सोलर पंप की स्थापना के लिए आठ इंच (8 inch) की बोरिंग किसान के पास स्वयं मौजूद होनी अनिवार्य है। सत्यापन (Verification) के समय बोरिंग न पाए जाने पर आवेदन निरस्त हो सकता है और टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी।
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PM-KUSUM योजना के दूरगामी लाभ
यह योजना केवल सिंचाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को कई दीर्घकालिक लाभ प्रदान करती है:
- डीजल पंपों पर होने वाले महंगे खर्च से किसानों को मुक्ति मिलती है।
- यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देती है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक है।
- योजना के घटक-सी (Component-C) के तहत, किसान अपनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर भी आय अर्जित कर सकते हैं।
- सोलर पंपों के कारण किसान दिन के समय भी बिना बिजली कटौती की चिंता किए, आसानी से सिंचाई कर सकते हैं, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है।
- सरकार कुल लागत का 60% सब्सिडी देगी और 30% लोन देगी। इससे हमारे किसानों को सोलर प्लांट और सोलर पंप लगाने के कुल खर्च का सिर्फ़ 10% देना होगा।
- सोलर प्लांट और सोलर पंप सिंचाई को बेहतर बनाते हैं क्योंकि इनकी कैपेसिटी 720MV है।
- योजना के घटक-सी (Component-C) के तहत, किसान अपनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर भी आय अर्जित कर सकते हैं।
- गांव के इलाके में ज़मीन का मालिक 25 साल तक सोलर प्लांट लगाने के लिए बंजर और बिना खेती वाली ज़मीन का इस्तेमाल करके इनकम का एक पक्का ज़रिया बना सकते है।
- सोलर प्लांट खेती लायक ज़मीन पर कम से कम ऊंचाई पर लगाए जाएंगे। इस तरह, हमारे किसान प्लांट लगाने के बाद भी खेती जारी रख पाएंगे।
- कुसुम स्कीम यह पक्का करती है कि रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़े, जिससे खेतों में प्रदूषण कम करने में मदद मिले और इको-फ्रेंडली खेती का रास्ता खुले।
PM Kusum Scheme आवेदन प्रक्रिया
- किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट पर ‘अनुदान हेतु सोलर पंप की बुकिंग करें’ विकल्प पर क्लिक करना होगा।
- ऑनलाइन बुकिंग के समय किसानों को टोकन मनी के रूप में ₹5,000 की राशि जमा करनी होगी।
- बुकिंग कंफर्म होने के बाद, इसकी सूचना किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त हो जाएगी।
- इसके बाद, किसानों को अनुदान (Subsidy) काटने के बाद बची हुई अवशेष धनराशि ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होगी।
- अधिक आवेदन आने की स्थिति में, लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी (E-Lottery) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
Subsidy rates of PM Kusum Yojana
PM-KUSUM योजना के तहत सोलर पंप की क्षमता (Capacity) के आधार पर किसानों को भारी अनुदान दिया जा रहा है। सब्सिडी की दरें इस प्रकार हैं:
| पंप की क्षमता (HP) | पंप का प्रकार | अनुमानित सब्सिडी राशि (₹) |
| 2 HP | DC/AC सरफेस पंप | ₹98,593 तक |
| 2 HP | DC सबमर्सिबल पंप | ₹1,00,215 |
| 2 HP | AC सबमर्सिबल पंप | ₹99,947 |
| 3 HP | DC सबमर्सिबल पंप | ₹1,33,621 |
| 3 HP | AC सबमर्सिबल पंप | ₹1,32,314 |
| 5 HP | AC सबमर्सिबल पंप | ₹1,88,038 |
| 7.5 HP & 10 HP | AC सबमर्सिबल पंप | ₹2,54,983 तक (सर्वाधिक) |
नोट: ये सब्सिडी दरें राज्य सरकार और केंद्र सरकार के योगदान पर आधारित हैं। किसान को केवल शेष राशि का भुगतान करना होता है।
निष्कर्ष
PM KUSUM Yojana उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक “गेम चेंजर” साबित हो सकती है। सरकार द्वारा 40 हजार से अधिक सोलर पंपों पर दिया जाने वाला यह अनुदान किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि की ओर ले जाने का एक मजबूत प्रयास है। सभी पात्र किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 15 दिसंबर की अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर, इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ।
