eDAR Portal पर patient id क्या है और दुर्घटना पीड़ितों को कैसे मिलेगा ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज?

Hemraj Maurya

Patient id  बनवाओ मुफ्त, इलाज पाओ, समय का सही उपयोग करों। भारत में सड़क दुर्घटनाओं के बाद पीड़ितों को समय पर इलाज मिलना और सही मुआवजा पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।

भारत में सड़क दुर्घटनाओं के बाद पीड़ितों को सही समय पर इलाज मिलना और वित्तीय मदद पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा (जिसे मेडिकल भाषा में ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है) मरीज की जान बचाने के लिए सबसे कीमती होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सहयोग से eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल और प्रधानमंत्री राहत योजना की शुरुआत की है।

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इस नई व्यवस्था के तहत दुर्घटना पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक का मुफ़्त या कैशलेस इलाज (या 7 दिनों तक का निःशुल्क उपचार) दिया जाता है। इस पूरे सिस्टम का मुख्य आधार patient id है।

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यदि आप eDAR पोर्टल के बारे में समझ रहे हैं या यह जानना चाहते हैं कि एक्सीडेंट के मामलों में अस्पताल और पुलिस द्वारा patient id कैसे बनाई जाती है और इसका लाभ कैसे उठाया जाता है, तो rajjansuvidha.in का यह लेख आपके लिए ही है।

eDAR Portal और प्रधानमंत्री राहत योजना क्या है?

eDAR का पूरा नाम Electronic Detailed Accident Report (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट) है। यह एक ऐसा केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े सभी विभागों—पुलिस, अस्पताल, बीमा कंपनियों और अदालतों—को एक ही जगह पर जोड़ता है।

प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को तुरंत इलाज दिलाने के लिए ई-डीएआर पोर्टल पर उसकी patient id दर्ज की जाती है। इसके बाद पीड़ित को योजना से संबद्ध अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा तुरंत मिल जाती

eDAR पोर्टल पर patient id क्या होता है?

जब भी कोई सड़क दुर्घटना होती है और डायल 112 या स्थानीय माध्यमों से सूचना मिलती है, तो पुलिस या अस्पताल द्वारा ई-डीएआर पोर्टल पर मरीज का विवरण दर्ज करके एक यूनिक डिजिटल नंबर जनरेट किया जाता है। इसी नंबर को patient id कहा जाता है।

यह patient id केवल एक पहचान संख्या नहीं है, बल्कि पीड़ित के पूरे इलाज और दुर्घटना रिपोर्ट की डिजिटल चाबी है। इसमें दुर्घटना की जगह, समय, मरीज के इलाज का खर्च, अस्पताल की रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी जैसी सभी जानकारियां सुरक्षित रहती हैं।

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₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज पाने के लिए patient id कैसे बनवाएं?

दुर्घटना होने पर प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत कैशलेस इलाज प्राप्त करने की प्रक्रिया बहुत सरल है:

1. डायल 112 पर सूचना दें: एक्सीडेंट होते ही सबसे पहले आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके दुर्घटना की जानकारी दें।

2. पुलिस द्वारा ID निर्माण: सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी और ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटना का विवरण दर्ज करके घायल की patient id जनरेट करेगी।

3. अस्पताल को अलर्ट: patient id बनते ही योजना से जुड़े एम्बुलेंस और नजदीकी सूचीबद्ध (Empaneled) अस्पताल को तुरंत अलर्ट चला जाता है।

4. कैशलेस उपचार की शुरुआत: मरीज के अस्पताल पहुंचते ही बिना किसी एडवांस पैसों के कैशलेस इलाज शुरू हो जाता है।

5. अस्पताल द्वारा एंट्री: वैसे अस्पताल भी खुद मरीज की patient id बना सकते हैं, लेकिन फर्जीवाड़ा रोकने के लिए संबंधित थाना प्रभारी (पुलिस) की मंजूरी मिलने के बाद ही यह मान्य होती है।

अस्पताल को भुगतान कैसे मिलता है?

कई लोगों के मन में सवाल होता है कि अस्पताल को मरीज के इलाज का पैसा कहाँ से मिलता है। ई-डीएआर व्यवस्था के तहत:

  • अस्पताल मरीज के इलाज का पूरा ब्योरा TMS (Transaction Management System – ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड करता है।
  • सरकार/योजना प्रबंधन patient id और टीएमएस पोर्टल के माध्यम से सीधे अस्पताल के खाते में इलाज की राशि (अधिकतम ₹1.5 लाख) का भुगतान कर देता है।

दुर्घटना पीड़ित और परिवार को patient id से मिलने वाले बड़े फायदे

सड़क हादसे के समय परिजनों के पास तुरंत पैसों की व्यवस्था न होना एक बड़ी समस्या होती है। ऐसे में patient id की व्यवस्था उनके लिए वरदान साबित होती है:

  • गोल्डन आवर में तुरंत इलाज: बिना पैसों की चिंता किए मरीज को ‘गोल्डन आवर’ में ही क्रिटिकल केयर मिल जाती है।
  • कागजी कार्रवाई से मुक्ति: परिजनों को अस्पताल के चक्कर काटने या बार-बार बिल जमा करने का तनाव नहीं रहता।
  • पारदर्शिता और सुरक्षा: डिजिटल patient id से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहती है, जिससे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत बिलिंग की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
  • बीमा क्लेम और कोर्ट में सहूलिय त: भविष्य में अगर बीमा कंपनी से क्लेम लेना हो या कोर्ट (MACT) में मामला दर्ज करना हो, तो पुलिस और बीमा अधिकारी इसी patient id से डिजिटल रिपोर्ट निकाल लेते हैं।

eDAR पोर्टल पर patient id से स्टेटस कैसे चेक करें?

यदि आप अपनी या किसी रिश्तेदार की एक्सीडेंट रिपोर्ट और patient id की स्थिति देखना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

1.    ई-डीएआर / आईआरएडी (iRAD) के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

2.    होमपेज पर ‘Search Patient Report’ या ‘Check Accident Status’ वाले विकल्प को चुनें।

3.    वहां अपना patient id, एक्सीडेंट आईडी या एफआईआर (FIR) नंबर दर्ज करें।

4.    रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी (OTP) डालकर वेरीफाई करें।

5.    स्क्रीन पर इलाज की स्थिति और रिपोर्ट की पूरी जानकारी आ जाएगी।

निष्कर्ष

eDAR पोर्टल और इसके तहत मिलने वाली patient id सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। प्रधानमंत्री राहत योजना के जरिए 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज समय पर मिलने से अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती है।

यदि कभी भी आपके सामने कोई सड़क हादसा हो, तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें ताकि घायल व्यक्ति की patient id समय पर बन सके और उसे बिना किसी देरी के कैशलेस इलाज मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)       

एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर पुलिस (डायल 112) या फिर संबंधित अस्पताल का स्टाफ ई-डीएआर पोर्टल पर मरीज की patient id जनरेट करता है। अस्पताल द्वारा बनाई गई ID पर पुलिस की मंजूरी अनिवार्य होती है।

इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज या 7 दिनों तक का मुफ़्त उपचार दिया जाता है।

यदि ई-डीएआर पोर्टल पर दर्ज patient id को संबंधित थाना प्रभारी (पुलिस) की मंजूरी नहीं मिलती है, तो अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज का खर्च स्वयं उठाना पड़ सकता है। ऐसा फर्जी मामलों को रोकने के लिए किया गया है।

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