उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं के लिए Free Scooty Scheme (Rani Laxmibai Scooty Scheme) की घोषणा की है। मार्च 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि योजना का क्रियान्वयन जल्द शुरू होगा और प्रथम चरण में स्नातक/परास्नातक अंतिम वर्ष की मेधावी छात्राओं को लाभ मिलेगा। हालांकि मई 2026 तक पात्रता मानदंड तय नहीं हो पाए और रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना अधर अटक गयी। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार मुफ्त स्कूटी योजना के तहत लगभग 50,000 मेधावी छात्राओं को लाभ दिया जाना है।
Rani Laxmibai Scooty Scheme सरकारी घोषणाएँ और बजट प्रावधान
UP सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में Free Scooty Scheme के लिए पुनः ₹400 करोड़ की व्यवस्था की गई है। बजट दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इन राशि का उपयोग उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान करने में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 मार्च 2026 को महिला दिवस समारोह में घोषणा की कि योजना का क्रियान्वयन शीघ्र किया जाएगा और पहले चरण में स्नातक/परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। भाजपा के 2022 के घोषणा-पत्र में भी यह वादा शामिल था, और चुनाव से पूर्व इसे पूरा करने की कवायद की जा रही है। Free Laptop Yojana
देखे सोलफ़ुल सेल्फ़-केयर गिफ़्ट बॉक्स
Free Scooty Scheme की पात्रता
योजना का लक्ष्य केवल महिला छात्राएं हैं। उच्च शिक्षा में पढ़ रही मेधावी छात्राओं (कॉलेज/विश्वविद्यालय स्तर) को इसका लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मेधावी छात्राओं को इस योजना से फायदा पहुंचेगा। सरकार ने अभी तक आय या जाति आधारित कोई अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं बताया है; योजना मुख्यतः मेरिट-आधारित प्रतीत होती है। (कुछ मीडिया रिपोर्टों में कॉलेज प्रवेश संबंधी न्यूनतम अंक या EWS श्रेणी का जिक्र है, लेकिन कोई आधिकारिक मानदंड जारी नहीं हुआ है।)
Rani Laxmibai Scooty Scheme के लिए आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज़
योजना के लिए आवेदन संबंधी आधिकारिक निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं। योग्यता मानदंड और ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन पोर्टल की जानकारी का अभी इंतजार है। अनुमान है कि जैसे अन्य छात्रवृत्ति/वेलफेयर योजनाओं में होता है, इसी तरह राज्य सरकार की वेबसाइट (उच्च शिक्षा विभाग) पर आवेदन फॉर्म उपलब्ध होंगे। संभावित तौर पर आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखने होंगे:
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड या निवास प्रमाणपत्र।
- शैक्षणिक अंकतालिका: 10वीं और 12वीं का मार्कशीट (उच्च मेरिट को दर्शाने हेतु) तथा वर्तमान कॉलेज/विश्वविद्यालय में दाखिला या वर्तमान अंकतालिका।
- आय प्रमाण-पत्र: माता-पिता या स्वयं का आय प्रमाणपत्र।
- अन्य: जन्म तिथि प्रमाण, जाति प्रमाणपत्र (यदि उपलब्ध हो), पासपोर्ट साइज तस्वीर और बैंक पासबुक/IFSC विवरण।
चूँकि आधिकारिक फॉर्म नहीं आया है, इसलिए छात्र-छात्राएँ अपने कॉलेज के छात्र कल्याण विभाग या जिला शिक्षा अधिकारी से नियमित संपर्क रखें और उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट (uphed.gov.in) पर अपडेट देखें।
फ्री स्कूटर योजना लागु होने में देरी
योजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। जिलावार वितरण योजना अभी शुरू नहीं हुई है। मई 2026 तक उच्च शिक्षा विभाग पात्रता मानदंड तय करने में विफल रहा है, जिससे योजना धीमी हुई है। एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पात्रता के फार्मूला तय करके रिपोर्ट देने को कहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अधिकारियों को “पहले पात्रता तय करें, फिर योजना पर चर्चा करें” निर्देश दिया गया है। इस समय तक किसी भी जिले से स्कूटी वितरण की जानकारी नहीं मिली है। वर्तमान में योजना की कार्ययोजना और निर्देशों का इंतज़ार है।
राजनैतिक रूप से यह योजना भाजपा के चुनावी वादों में शामिल थी और CM योगी ने स्वयं इसकी घोषणा की है। वित्तीय असमर्थता नहीं है क्योंकि बजट में आवश्यक धनराशि (₹400 करोड़) आवंटित की जा चुकी है। देरी के मुख्य कारण विभागीय तैयारियों की कमी मानी जा रही है। सरकार ने पात्रता और आवेदन प्रक्रिया फाइनल होने के बाद जल्द योजना लागू करने का आश्वासन दिया है।
छात्राओं को फ्री स्कूटी योजना के लिए क्या करना चाहिए?
लाभार्थी बनने के लिए छात्राओं को निम्न तैयारियाँ करनी चाहिए:-
- आधार/निवास प्रमाण, माता-पिता का आय प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अंकतालिकाएँ (10वीं, 12वीं, वर्तमान कॉलेज), पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक विवरण इत्यादि सहेजकर रखें।
- अपनी महाविद्यालय की प्रशासन शाखा (महिला कल्याण/छात्र कल्याण अधिकारी) या जिला शिक्षा अधिकारी से योजना की जानकारी लेते रहें।
- यूपी उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट (uphed.gov.in) और सरकारी योजनाओं के पोर्टल पर समय-समय पर जारी नोटिफिकेशन/परिपत्र देखें।
- जैसे ही आवेदन आमंत्रित होंगे, उपरोक्त दस्तावेज़ तैयार रखकर तुरंत ऑनलाइन या सम्बंधित कार्यालय में आवेदन करें।
- आवश्यकता होने पर अपने विद्यालय/कॉलेज के सलाहकार या स्थानीय विक्रेता अधिकारियों से सलाह लें।
इन तैयारियों के साथ छात्राएँ योजना के आधिकारिक कार्यान्वयन की प्रतीक्षा कर सकती हैं। योजना की रूपरेखा और पात्रता जारी होते ही तत्काल आवेदन के लिए कदम उठाएँ।
निष्कर्ष
योजना का नाम एवं उद्देश्य: राज्य सरकार की स्कीम का नाम “रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना” रखा गया है। इसका उद्देश्य यूपी की मेधावी महिला छात्रों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
पात्रता: योजनाभार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी केवल महिला छात्राएँ (मेधावी छात्राएं) इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी होंगी। खासकर उन छात्राओं को प्राथमिकता मिलेगी जो विश्वविद्यालय/डिग्री कॉलेज में स्नातक या परास्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष/अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। योजनागत विवरण में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होने वाले छात्राओं का कोई विशिष्ट उल्लेख नहीं है।
बजट एवं लाभार्थी: 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए गए हैं। पहले चरण में लगभग 45,000 मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की रूपरेखा तैयार की गई है। (प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रदेश में स्नातक स्तर पर करीब 9 लाख छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन होगा।) कुल लाभार्थी संख्या और विस्तृत पात्रता शासन स्तर की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगी।
Source Media
