NEET UG Exam Twice in a Year: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी’ को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने सरकार को यह बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को वर्ष में एक से अधिक बार आयोजित किया जाना चाहिए।
संसदीय समिति की बैठक में हालिया नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक विवादों और छात्रों के बढ़ते मानसिक तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। आइए जानते हैं कि इस रिपोर्ट में क्या खास है और आने वाले समय में NEET UG परीक्षा में क्या बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। पढ़े rajjansuvidha.in-rajjansuvidha पोर्टल पर।
संसदीय समिति ने क्यों की ‘NEET UG Exam Twice in a Year’ की सिफारिश?
सपा सांसद राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति की बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह, हायर एजुकेशन सेक्रेटरी विनीत जोशी और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरमैन अभिजात सी. सेठ समेत कई शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के सामने यह प्रस्ताव रखा कि NEET UG exam twice in a year (यानी साल में कम से कम दो या तीन बार) आयोजित होना चाहिए। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. छात्रों पर से मानसिक दबाव कम करना:
साल में केवल एक बार परीक्षा होने के कारण छात्रों पर “करो या मरो” की स्थिति बन जाती है, जिससे छात्रों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही है , छात्र परेशान हो रहे है और उनमे मानसिक अवसाद बढ़ रहा है।
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2. दूसरों की गलती की सजा छात्रों को न मिले:
जब कोई परीक्षा पेपर लीक होता है या किसी अन्य गड़बड़ी की वजह से परीक्षा रद्द होती है या विवादित होती है, तो छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद हो जाता है। साल में कई बार परीक्षा होने से छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) बर्बाद होने से बचेगा।
3. वैश्विक स्तर (Global Standards) से सीख:
समिति ने चीन और अमेरिका जैसे देशों का उदाहरण दिया, जहां इसी तरह की बड़ी प्रवेश परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जाती हैं। चीन जापान और अम्रेरिका जैसे शिक्षा निति लागु करने पर विचार किया जा सकता है।
सरकार और NTA का इस पर क्या है रुख?
संसदीय समिति के इस बड़े सुझाव पर बैठक में मौजूद सरकारी अधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों ने पैनल को आश्वासन दिया है कि NEET UG exam twice in a year आयोजित करने के इस सुझाव पर सरकार और संबंधित विभाग गंभीरता से विचार करेंगे।
हालांकि, इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई 2018 में तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी घोषणा की थी कि NTA साल में दो बार JEE Main और NEET-UG आयोजित करेगा, लेकिन इसे मेडिकल काउंसलिंग की जटिलताओं के कारण कभी लागू नहीं किया जा सका। लेकिन इस बार संसदीय समिति के कड़े रुख के बाद इस पर जल्द ही कोई ठोस रास्ता निकाला जा सकता है।
अगले साल से ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) में हो सकती है परीक्षा
Decconherald की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पैनल को यह भी जानकारी दी है कि सरकार अगले परीक्षा चक्र (Next Exam Cycle) से NEET UG को कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में शुरू करने पर विचार कर रही है।
ग्रामीण छात्रों के लिए चिंताएं और चुनौतियां:
सांसदों ने साफ तौर पर कहा कि परीक्षा को ऑनलाइन मोड (CBT) में बदलने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके लिए निम्नलिखित बुनियादी जरूरतों पर जोर दिया गया:
डिजिटल एक्सेस और इंफ्रास्ट्रक्चर:
ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त कंप्यूटर सेंटर्स और इंटरनेट की व्यवस्था किया जाना चाहिए। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों को दिक्कत न हो।
क्षेत्रीय भाषाएं:
परीक्षा के प्रश्न पत्र पहले की तरह ही सभी क्षेत्रीय भाषाओं में ऑनलाइन भी उपलब्ध होने चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
संसदीय समिति द्वारा NEET UG exam twice in a year और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए CBT मोड में लाने का सुझाव एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। यदि सरकार इस सिफारिश को मंजूरी दे देती है, तो यह देश के 25 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने की दिशा में सबसे बड़ा सुधार होगा।
जैसे ही इस संबंध में NTA या स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोई आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) जारी की जाएगी, हम आपको सबसे पहले अपडेट करेंगे। तब तक आप अपनी तैयारी को मजबूत रखें।
नीट यूजी परीक्षा में बदलाव से जुड़े जरूरी सवाल
प्रश्न 1: क्या NEET UG परीक्षा साल में दो या तीन बार होगी?
उत्तर: संसद की स्थायी समिति ने साल में 2 से 3 बार परीक्षा कराने की सिफारिश की है, और सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि वे इस महत्वपूर्ण सुझाव पर विचार कर रहे हैं। अभी इस पर अंतिम आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।
प्रश्न 2: क्या वर्तमान में होने वाली री-नीट (Re-NEET) परीक्षा सुरक्षित होगी?
उत्तर: अधिकारियों ने समिति को आश्वस्त किया है कि आगामी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी।
प्रश्न 3: क्या अगले साल से नीट परीक्षा ऑनलाइन (CBT) होगी?
उत्तर: हाँ, अधिकारियों के अनुसार सरकार अगले परीक्षा चक्र से नीट यूजी परीक्षा को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने पर विचार कर रही है, ताकि पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोका जा सके।